दिनांक 10 फरवरी, स्थान - पावन यज्ञस्थली कैथा श्री हनुमान मंदिर प्रांगण से, गढ़/गंगेव, रीवा मप्र।
(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)
पावन यज्ञस्थली कैथा में दिनांक 31 जनवरी से प्रारंभ हुआ महाशिवरात्रि महोत्सव अपने समापन की कगार पर बढ़ रहा है। शिवमहापुराण प्रवचन के आठवें दिवश आचार्य श्री चंद्रमणि पयासी जी महाराज ने कोटिरुद्र संहिता का वर्णन किया, जिसमे द्वादश ज्योतिर्लिंगों का वर्णन, काशी में स्थित शिवमूर्तियों का महात्म्य, अत्रिकेश्वर लिंग का महात्म्य, सती अनुसुइया के तप से प्रसन्न गंगा का उसके गृह में निवास, गोकर्ण क्षेत्र में महाबल नामक शिव लिंग का वर्णन, एक चाण्डालिनी द्वारा विल्बपत्र फेंकने मात्र से और उस बेलपत्र के शिवलिंग में गिरने से उस चाण्डालिनी का परमपद प्राप्त होना और उसके उद्धार की कथा, गोकर्ण क्षेत्र में सहमित्र नामक राजा के स्नान करने से उसकी मुक्ति, चन्द्रभाल एवं पशुपति आदि शिवलिंगों का वर्णन, अंधकेश्वर महात्म्य प्रसंग में बटुक उत्पत्ति, रोहिणी में अधिक प्रेम होने के कारण दक्ष का चंद्रमा को श्राप और छयरोग निवारण हेतु सोमेश्वर लिंग स्थापन, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारेश्वर, भीमेश्वर का महात्म्य वर्णन, काशी विश्वनाथ में स्थित विश्वेशर शिवलिंग की महिमा का वर्णन, आठवें ज्योतिर्लिंग त्रयंबकेश्वर के महात्म्य वर्णन में गौतम जी का प्रभाव वर्णन, गौतम ऋषि पर गोहत्या का मिथ्या कलंक लगाया जाना और उसकी निवृत्ति के लिए पार्थिवेश्वर पूजन और श्राप से निवृत्ति, शिव का गौतम पर अनुग्रह और गंगा तथा त्रयंबकेश्वर का वहां पर निवास, नौवें ज्योतिर्लिंग बैद्यनाथेश्वर का महात्म्य, दारूकावन में राक्षसों का उपद्रव और दशवें ज्योतिर्लिंग नागेश्वर का महात्म्य वर्णन, भगवान श्रीराम के अवतार और रावण वध हेतु रामेश्वर शिवलिंग का स्थापन एवं महात्म्य वर्णन, घुश्मा के मृत हुए पुत्रों को जीवित करने से घुश्मेश्वर नामक ज्योतिर्लिंग की प्रशिद्धि और उसके महात्म्य का वर्णन, विष्णु का शिव से सुदर्शन चक्र की प्राप्ति, शिवरात्रि का महात्म्य वर्णन, शिव सहस्रनाम स्त्रोत और महात्म्य का वर्णन आदि कथा प्रसंगों का सतत प्रवचन चल रहा है।
पावन यज्ञस्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण पान करने के लिए सभी भक्त श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम का समापन हवन एवं भंडारे के साथ महाशिवरात्रि के दिन 13 फरवरी को होगा।
संलग्न - शिव महापुराण महायज्ञ में उपस्थित भक्त श्रधालु गण।
-शिवानंद द्विवेदी, संयोजक एवं प्रचारक श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत। 7869992139
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