Tuesday, 13 December 2016

(Rewa, MP) पावन धर्मस्थली कैथा में पूर्णिमा को आयोजित हुआ मानस का कार्यक्रम


पावन धर्मस्थली कैथा में पूर्णिमा को आयोजित हुआ मानस का कार्यक्रम
(कैथा, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) यूँ तो त्रेता युग व्यतीत हुए लाखों वर्ष बताये जाते हैं फिर भी त्रेता युग में भगवान श्रीराम के अवतरण के किस्से आज भी बाल्मीकिकृत रामायण और अन्य भाषाओँ जैसे अवधी आदि में तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस, तमिल, तेलगु, म्यामारी, और विभिन्न यूरोपीय भाषाओँ जैसे अंग्रेजी, स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच आदि के माध्यम से आज भी जीवित हैं और वखान किये जाते हैं.
हिंदी भाषी क्षेत्रों में लोकप्रिय है संगीतमय तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस
      सामान्यतया भारत के हिंदी भाषी बाहुल्य क्षेत्रों में तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस का प्रचलन बहुत आम हो चुका है. भक्तगण श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ करते हैं और पूरे चौबीस घंटों तक अथवा उससे भी ज्यादा और यहाँ तक की जब तक पूरा श्रीराम चरित मानस गायन कर पूरा नहीं होता उसे बड़े भक्तिभाव से गया जाता है. आज उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, विहार, नई दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड आदि हिंदी-भाषी राज्यों में तो यह एक अत्यंत लोकप्रिय परंपरा है.   
पावन एवं आदर्श है श्रीराम जी का चरित्र
      कहा जाता है की श्रीरामचरित मानस का प्रत्येक दोहा और चौपाई एक मन्त्र की तरह है जिसके वाचन, गायन से अथवा स्मरण मात्र से संसार के सब रोग, दुःख कष्ट का निवारण हो जाता है. चलिए, धार्मिक दृष्टि से तो यह बात बिलकुल सही है पर ऐतिहासिक और चारित्रिक दृष्टि से भी श्रीराम जी के कथा आख्यान का कोई कम महत्व नहीं है. यदि आज श्रीरामचरित मानस और भगवान स्वरुप श्रीरामजी के आदर्शों की चर्चा प्रत्येक हिन्दू मतावलंबी सहित विभिन्न अन्य समुदायों की जुबान पर है तो कहीं न कहीं जो उनका इतना आदर्श चारित्रिक चित्रण हुआ है उसकी वजह से है.
 कैथा में प्रत्येक पूर्णिमा को आयोजित होता है संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ
      दिनांक 13 दिसम्बर को इसी तारतम्य में यज्ञों की पावन स्थली कैथा के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगन में प्रत्येक पूर्णिमा को आयोजित होने वाले श्रीराम चरित मानस का संगीतमय पाठ आयोजित किया गया जिसमे मुख्य भूमिका का निर्वहन श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत के उपाध्यक्ष श्री सिद्धमुनि द्विवेदी द्वारा किया गया. दिनांक 14 दिसम्बर को सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ सम्पन्न होगा.
      यह कोई नई बात नहीं है और प्रायः ही पावन धर्मस्थली श्री हनुमान मंदिर प्रांगण कैथा में विभिन्न उत्सवों पर आयोजन होते रहते हैं.
      यज्ञों की पावन धर्मस्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आप सभी का सादर आमंत्रण है.
|||धन्यवाद|||
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शिवानन्द द्विवेदी
(प्रचारक, प्रवक्ता, एवं राष्ट्रीय संयोजक)
श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति (भारत)
ग्राम कैथा, पोस्ट अमिलिया, थाना गढ़,
जिला रीवा  (म.प्र.) पिन ४८६११७
मोबाइल नंबर – 07869992139