Sunday, 4 February 2018

Rewa, MP - कैथा में श्रीशिवमहापुराण महायज्ञ का दूसरा दिन - चंचुला नामक कुमार्गगामी स्त्री और उसके पति के मोक्ष की कथा

दिनाँक 4 फरवरी, स्थान - पावन यज्ञस्थली कैथा से, रीवा मप्र।

(शिवानंद द्विवेदी, रीवा मप्र)

   दिनाँक 3 फरवरी को श्रीहनुमान मंदिर प्रांगण कैथा में शिवमहापुराण महायज्ञ की बैठकी के उपरांत दिनाँक 4 फरवरी को शिवमहापुराण के कथा प्रसंग में आगे शिवमहापुराण के महात्म्य का सुंदर वर्णन चल रहा है। 

     आचार्य श्री चंद्रमणि प्रसाद पयासी के मुखारबिंद से अविरल प्रवाहित हो रहे शिवमहापुराण कथा में बताया गया कि सनातन वैदिक हिन्दू धर्म मे मोक्ष के कई मार्ग बताए गए हैं। सनातन धर्म की विशेषताओं का वर्णन करते हुए बताया गया कि इस धर्म मे ईश्वर के विभिन्न स्वरूपों में किसी भी एक स्वरूप की विशेष निष्ठा समर्पण के साथ उपासना करने से मॉनव मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।

     जहां भागवत शास्त्र में वैष्णव पंथ में भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की चर्चना और उनकी उपासना की विधि का वर्णन मिलता है वहीं शिवमहापुराण कथा में भगवान शिव की विभिन्न लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया है। शैव मत में विशेष श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए शिवमहापुराण कथा का प्रतिदिन श्रवण पाठन करने की बात कही गयी है। इसी प्रकार माता शक्ति में विशेष श्रद्धा आस्था रखने वाले उपासकों के लिए शाक्त परंपरा अनुसार देवी भागवत पुराण के पठन और श्रवण से पुण्य लाभ मिलकर मोक्ष प्राप्ति के मार्ग का वर्णन है

 कथा में द्वितीय दिवश हुआ महात्म्य का वर्णन, विंधेश्वर संहिता का चल रहा वर्णन - 

      शिव कथा के दूसरे दिन कथा महात्म्य का वर्णन किया गया। बताया गया कि गंगा नदी के तट पर व्यास जी के शिष्य सूत जी ने कलयुग आगमन का वर्णन किया और वर्णाश्रम भेद का वर्णन करते हुए बताया कि सभी वर्णों के किस प्रकार से कार्य होंगे।

     इसी बीच अध्याय 4 में चंचुला एवं विंदुग नामक ब्राह्मण दाम्पत्य का वर्णन करते हुए आचार्यश्री ने बताया कि चंचुला जैसी अत्यंत पतित एवं कुमार्गगामी स्त्री भी शिव सरनागति से पाप मुक्त हो ईश्वर को प्राप्त किया। चंचुला अपने कुमार्गगामी स्वभाव के कारण पतित हो चुकी थी जिसके मन मे प्रारब्धवश प्रायश्चित भाव उत्पन्न होता है और कुछ श्रेष्ठ ब्राह्मण उसको भगवान शिव की उपासना की महिमा का वर्णन करते हुए कहते हैं कि हे ब्राह्मण पत्नी तुम भगवान शिव और माता शक्ति की उपासना करो वही तुम्हारा उद्धार करेंगे। भगवान शिव अत्यंत दयालु  हैं और जो उनकी शरणागति सच्चे मन से प्राप्त करता है उसके लिए प्रभु अत्यंत कल्याणकारी हैं। वैसे शिव का अर्थ ही होता है कल्याण करने वाला। 

  अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण कैथा में अविरल प्रवाहित हो रही पाप विनाशक कथा का श्रवण पान करने के लिए सभी श्रद्धालुओँ को सादर आमंत्रित किया जाता है। महायज्ञ का समापन हवन एवं विशाल भंडारे के साथ महाशिवरात्रि के दिन 13 फरवरी को किया जाएगा।

 संलग्न - कार्यक्रम के दूसरे दिवश शिवमहापुराण कथा में उपस्थित भक्त श्रद्धालुओँ का दृश्य।

  - शिवानंद दद्विवेदी, संयोजक एवं प्रचारक श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति भारत,

7869992139

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