स्थान – कैथा, गढ़ (रीवा, म.प्र.), दिनांक: 18.08.2016, दिन गुरूवार,
कैथा-करहिया में रक्षाबंधन पर संगीतमय श्री रामचरित मानस का आयोजन, कल खाजुलैयाँ को समापन और भंडारा होगा
विषय – यज्ञ स्थली कैथा के नजदीक स्थित करहिया ग्राम में रक्षाबंधन और खाजुलैयाँ के पावन अवसर पर परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले संगीतमय श्रीरामचरित मानस कार्यक्रम का आयोजन. कल दिनांक 19 अगस्त शुक्रवार के दिन भंडारे के साथ होगा समापन. श्री हनुमान मंदिर प्रांगण स्थित हिनौता सरोवर के पास एक दुसरे को ज्वारे (खाजुलैयाँ) भेंटकर मनाई जाएगी खाजुलैयाँ.
(कैथा, रीवा) कई मायनों में पावन भूमि कैथा और उसके आसपास का क्षेत्र भी पावन और ईश्वरमय है. यहाँ पर ग्राम कैथा स्थित प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में तो विभिन्न धार्मिक आयोजनों की परंपरा दसकों से चलती ही आ रही है, साथ ही आसपास के अन्य ग्राम क्षेत्र में भी धार्मिक प्रभाव के कारण वर्षभर विभिन्न धार्मिक आयोजन और अनुष्ठान चलते रहते हैं.
आप इस क्षेत्र में कभी भी किसी त्यौहार के उपलक्ष में पधारें तो आप पाएंगे की कहीं न कहीं कोई न कोई चाहे वह मानस हो, श्रीमद भागवत का कार्यक्रम हो, सामान्य तौर पर पांच दोहा गाया जाने वाला रामायण हो अथवा कोई अन्य धार्मिक उत्सव, कुछ न कुछ धार्मिक आयोजन इस क्षेत्र में चलते ही रहते हैं. लोगों की ऐसी मान्यता है कि सारे संसार में कुछ भी चल रहा हो लेकिन कैथा और उसके आसपास कोई भारी प्राकृतिक आपदा कम ही परिस्थितियों में आयी है. पिछले साल ही इतने सूखे के वावजूद यद्यपि यह क्षेत्र काफी ऊँचाई में बसा है फिर भी हैण्ड-पम्पों का जलस्तर नियंत्रित रहा, अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा फसल भी लोगों को खाने जीने के लिए पर्याप्त हुई है. कहीं न कहीं यह सब ईश्वर के प्रति श्रद्धा और आस्था से ही होता है ऐसा यहाँ के लोगों का मत है.
सर्वव्यापी ईश्वर न दीखते हुए भी अस्तित्व में है और हमारे सभी कर्मों के अनुरूप ही फल देने वाला है - निश्चित तौर पर उस सर्वव्यापी परमेश्वर की ही दया दृष्टि से सब संभव होता है. वह परमेश्वर कण-कण में व्याप्त, भूत-भविष्य-वर्तमान का ज्ञाता, अनंत चैतन्य स्वरुप, सत-चित-आनंद स्वरुप होने से सर्वव्यापी, सर्वज्ञ है. वह सभी जीवों को उनके कर्मों के आधार पर यथोचित फल प्रदान करने वाला है. व्यक्ति अहंकार वश उस परम शक्ति को भूल अपने गर्व में मदमत्त रहता है परन्तु किसी के नकारने अथवा स्वीकारने से ईश्वर का अस्तित्व न तो सिद्ध किया जा सकता और न ही निसिद्ध किए जा सकता. वह है तो है. जैसे हिन्दू-सनातन संस्कृति के महँ और कालजयी ग्रन्थ श्रीमद भगवद गीता में भगवान् श्रीकृष्ण के माध्यम से अर्जुन को बताया गया है की –वह परम-ब्रह्म दशों कर्मेन्द्रियों, दशों ज्ञानेन्द्रियों, इनको नियंत्रित करने वाले मन, मन को नियंत्रित करने वाले बुद्धि, अहंकार, इन सबसे श्रेष्ठ है वह. जो इन सबके परे हैं वही है परमात्मा. मानवीय तर्क-बुद्धि से मात्र उस परम-ब्रह्म को समझने में और उसकी भक्ति में मदद मदद मिल सकती है न की उसे सिद्ध अथवा असिद्ध किया जा सकता. उसकी कृपा प्राप्ति के लिए मात्र भाव-भावना की आवश्यकता है ऐसा बार-बार हिन्दू-सनातन धर्म-अध्यात्म ग्रंथों में कहा गया है. क्योंकि यदि वह परमेश्वर नहीं होता तो यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड स्वयं नहीं चल सकता था. जिस प्रकार आज आधुनिक समय में किसी भी कृति और यंत्र को चलाने के लिए इंटेलिजेंस की आवश्यकता है इसी प्रकार इस सृष्टि रुपी यंत्र को चलाने के लिए भी इंटेलिजेंस की आवश्यकता है. और वह इंटेलिजेंस कोई सामान्य नहीं होती बल्कि वह है “सुप्रीम-इंटेलिजेंस” अथवा “परम-ब्रह्म”.
पावन स्थली कैथा के नजदीक स्थित करहिया ग्राम में रक्षाबंधन और खाजुलैयाँ पर मानस का कार्यक्रम – कैथा के नजदीक स्थित करहिया में आज सुबह लगभग दस बजे से पिछले कई वर्षों से परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले मानस का कार्यक्रम रखा गया. करहिया स्थित लोनियाँ-टोला में स्थित श्री शिव-हनुमान मंदिर में यह आयोजन चल रहा है. कल शुक्रवार के दिन खाजुलैया को इस मानस का समापन और भंडारा होगा तत्पश्चात सभी क्षेत्रवासी कैथा श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में उपस्थित होकर कई दिनों पहले बोये गए ज्वारे को एक दूसरे को देकर बंधाई देते है और गले मिलते है ऐसी परंपरा है. बताया गया है की खाजुलैयाँ में ज्वारे बोने और इस त्यौहार को मनाने की परंपरा काफी प्राचीन है और यह मात्र वर्ष में एक बार आती है. इस बीच लोग सब गिले-सिकबे भूल एक-दूसरे को ज्वारे (अथवा खाजुलैयाँ) का अदन-प्रदान करते हैं और सुख-शांति-समृद्धि की कामना करते हैं. इस बीच आसपास के कई ग्राम क्षेत्रों के काफी लोग एकत्रित होते हैं और श्री हनुमान मंदिर में भी ज्वारे भेंट करते हैं.
|||धन्यवाद|||
-----------------
शिवानन्द द्विवेदी
(प्रचारक, प्रवक्ता, एवं राष्ट्रीय संयोजक)
श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति (भारत)
ग्राम कैथा, पोस्ट अमिलिया, थाना गढ़,
जिला रीवा (म.प्र.) पिन ४८६११७
मोबाइल नंबर – 07869992139








No comments:
Post a Comment