Tuesday, 16 August 2016

(रीवा, म.प्र.) दिनांक 16 अगस्त को यज्ञ स्थली कैथा में भागवत कथा का सातवाँ दिन - कार्यक्रम में हवन और प्रसाद वितरण आज.




स्थान – कैथा, गढ़ (रीवा, म.प्र.), दिनांक: 16.08.2016, दिन मंगलवार,

यज्ञ स्थली कैथा में भागवत कथा का सातवाँ दिन – भगवान श्रीकृष्ण के लीलावतार के कुछ रहस्यों के साथ अन्य कथा प्रसगों की हुई संक्षिप्त चर्चना. कार्यक्रम में हवन और प्रसाद वितरण आज.

विषय- भारी बारिश के बीच पावन स्थली कैथा के श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आज हवन-भंडारे के साथ होगा कार्यक्रम का समापन. श्रीमद भागवत के दसवें, ग्यारहवें और बारहवें स्कंध के परायण और श्रीकृष्ण लीला प्रसंग के साथ हुआ महापुराण का होगा विसर्जन. महायज्ञ का हवन और भंडारा आज.

 (कैथा, रीवा) श्रीमद भागवत के कथा प्रसंगों में मूल चर्चना भगवान् श्रीकृष्ण की लीला प्रसगों पर ही केन्द्रित है. हिन्दू-वैदिक संस्कृति में भगवान् नारायण के चौबीस अवतारों में से एक मुख्य अवतार भगवान् श्रीकृष्ण का है. महाभारत काल की कथा का वर्णन सम्पूर्ण भागवत महापुराण में जगह-जगह पर मिलता है परन्तु श्रीकृष्ण जी का विस्तृत लीलाचरित्र मुख्य रूप से दसवें स्कंध में मिलता है. भागवत कथा में दसवां स्कंध सबसे बृहद भी है. ग्यारहवां और बारहवां स्कंध अपेक्षाकृत छोटे हैं.

दसवें स्कंध को दो भागों में – पूर्वार्ध और उत्तरार्ध में विभाजित किया गया है. पूर्वार्ध के भागों की श्रीकृष्ण के अवतरण से लेकर अक्रूर के हस्तिनापुर गमन तक की कथा का वर्णन आता है. उत्तरार्ध की कथाओं में जरासंध का भीम के साथ युद्ध और जरासंध वध, विश्वकर्मा द्वारा द्वारिकापुरी का निर्माण, रुक्मिणी के सन्देश पर श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी का हरण, श्रीकृष्ण जी के गृहस्थ-धर्म का वर्णन और पांडवों की राजसूय यज्ञ में आकर श्रीकृष्ण को अपमानित करने वाले शिशुपाल का वध, सत्यभामा और जाम्बवंती के साथ कृष्ण जी की लीलाएं, उषा-अनिरुद्ध प्रेम-प्रसंग, बाणासुर के साथ युद्ध और श्रीकृष्ण-सुदामा की मैत्री प्रसंग भी सम्मिल्लित है.

ग्यारहवें और बारहवें स्कंध के कथा प्रसंग का वर्णन - भगवान के भक्तों के क्या लक्षण होने चाहिए इसका विस्तृत वृत्तान्त जनक और नौ-योगियों के संवाद से प्राप्त होता है. पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश, चन्द्रमा, और सूर्य से हमे क्या शिक्षा ग्रहण करनी है इसका वृत्तान्त ब्रह्मवेत्ता दत्तात्रेय और यदु के संवाद से प्राप्त होता है. उद्धव को शिक्षा देते हुए आगे अठ्ठारह सिद्धियों का वर्णन आता है और तत्पश्चात ईश्वर की विभूतियों का वर्णन करते हुए वर्णाश्रम धर्म, भक्ति योग, कर्म योग, और ज्ञान योग का वर्णन आता है. बारहवें स्कंध में महाराज परीक्षित और उनके बाद के राजाओं का विवरण आता है. इस प्रकार अध्यात्मिक-धार्मिक के अतिरिक्त साहित्यिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बारहवां स्कंध ज्यादा महत्वपूर्ण है.

श्रीमद भागवत कार्यक्रम में विशेष सहयोगीगण - इस सार्वजनिक कार्यक्रम के विशेष सहयोगियों में कैथा ग्राम से श्री भैयालाल द्विवेदी, बी.एस.एफ सेवानिवृत निरीक्षक बुद्धसेन पटेल, समिति सदस्य वृजभान केवट, विशेषर प्रसाद केवट, दसरथ केवट, नन्दलाल केवट, गोकुल केवट, सेवानिवृत शिक्षक भैयालाल पाण्डेय, सेवानिवृत आर्मी कैप्टन रामाधार पाण्डेय, सोरहवा निवासी हरिबंस पटेल, अरुणेन्द्र पटेल, राम नरेश पटेल, आदित्य पटेल, हिनौती से अखिलेश उपाध्याय, अश्वनी द्विवेदी, जमुई से आचार्य पंडित श्री त्रिवेणी प्रसाद उपाध्याय, दुवगमा से महेंद्र त्रिपाठी, अमिलिया से मतिगेंद पटेल, और  समिति के उपाध्यक्ष सिद्धमुनि प्रसाद द्विवेदी मुख्य सहयोगियों में से थे.    
श्रीमद भागवत महायज्ञ का हवन और भंडारा होगा आज – यज्ञों की पावन स्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में दिनांक 9 अगस्त से 16 अगस्त तक आयोजित होने वाली पापविनाशक, मोक्षप्रदायक, अमृतमयी श्रीमद भगवद कथा का समापन आज हवन और भंडारे के साथ दिनांक 16 अगस्त दिन मंगलवार को किया जायेगा.

भारी प्राकृतिक प्रकोप और बारिस के मध्य कार्यक्रम का सफल संचालन - सम्पूर्ण रीवा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिस के वावजूद श्रीमद भागवत का कार्यक्रम अपने नियत समय और रूपरेखा के अनुसार चल रहा है. कार्यक्रम में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम अपने यथावत प्लान के अनुरूप आज मंगलवार दोपहर दो बजे से श्रद्धालुओं के आगमन तक चलता रहेगा. भारी वर्षा के वावजूद भक्तों श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहा. कार्यक्रम का पूर्णरूपेण विषर्जन कल दिनांक 17 अगस्त 2016 को सुबह 10 बजे तक “चौथी-दहकंदो” आदि की ग्रामीण परंपरा का निर्वहन कर पूर्ण किया जायेगा.
यज्ञों की पावन स्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने हेतु आप सभी को सादर आमंत्रित किया जाता है.  

संलग्न - १) उपरोक्त प्रसंग का  MS Word और PDF file २) कार्यक्रम की कुछ फोटोग्राफ ३) समिति का लोगो 
|||धन्यवाद|||
-----------------
शिवानन्द द्विवेदी
(प्रचारक, प्रवक्ता, एवं राष्ट्रीय संयोजक)
श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति (भारत)
ग्राम कैथा, पोस्ट अमिलिया, थाना गढ़,
जिला रीवा  (म.प्र.) पिन ४८६११७
मोबाइल नंबर – 07869992139 














No comments:

Post a Comment