Saturday, 11 February 2017

(Rewa, MP) कैथा श्रीहनुमान मंदिर में होगा गौ भागवत कथा का साप्ताहिक आयोजन



 स्थान –  (रीवा, मप्र), दिनांक 12/02/2017 

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण कैथा में दिनांक 17 से 24 फरवरी तक होगा गौ भागवत कथा का आयोजन

(गढ़/कांकर/गंगेव, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) यज्ञों की पावन स्थली कैथा के श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में अगला विशेष आयोजन का अब समय नज़दीक आ गया है. परंपरागत रूप से पावन यज्ञस्थली कैथा में यूँ तो आजोजनों का शिलसिला जारी ही रहता है पर कुछ विशेष और लम्बी समयावधि वाले कार्यक्रमों में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम क्षेत्र की धार्मिक जनता का मुख्य कार्यक्रम बन जाता है. इसी प्रकार श्रवण के पवित्र महीने में श्रीमद भगवद कथा एवं शारदेय नवरात्रि में देवी माता का सजने वाला पूरा नौ दिवशीय दरबार, यह कुछ ऐसे कार्यक्रम हैं जो सप्ताह भर से अधिक चलते हैं जिसमे पूरे क्षेत्र से श्रधालुओं धर्मप्रेमियों का जमावड़ा बना रहता है.
वैसे तो महाशिरात्रि के पावन अवसर पर शिव महापुराण का आयोजन होता आया है पर इस बार थोडा परंपरा से हटकर गौ भागवत कथा का आयोजन प्रभु प्रेरणा से किया जाने वाला है. कारण भी स्पष्ट है, क्योंकि गौवंशों की आज भारतीय समाज में जो दुर्दशा और प्रताड़ना हो रही है आज समाज में इनके संरक्षण और महत्व के विषय में इस देश की जनता के समक्ष प्रवचन और उदाहरण प्रस्तुत करना अनिवार्य हो जाता है. गौमांशों का विक्रय एवं भक्षण, अवैध रूप से बनाए गए बाड़े, गौवंशों का क्रूर प्रकृति के व्यक्तियों द्वारा मुख को तारों आदि से बाँधा जाना आदि कुछ ऐसे ह्रदय विदारक वाकये सामने आये हैं जिनमे किसी भी विशुद्ध भारतीय संस्कृति को मानने वाले व्यक्ति का ह्रदय पीड़ा से जल उठेगा. सब कुछ तो शायद नहीं किया जा सकता क्योंकि न तो कानून बनाना आम व्यक्ति के हाँथ में है और न ही तथाकथित सरकारों को इन बनाये गए कानूनों का पालन करवाना, परन्तु जो भी एक आम व्यक्ति के हाँथ में है वह सब कुछ किया जाना चाहिए ऐसा धर्मार्थ समिति का मानना है. ऐसे में गौवंशों की सुरक्षा और उनके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को कथा, प्रवचनों, आख्यानों के माध्यम से निरंतर जन मानस तक पहुचाना और उसके लिए हर संभव प्रयाश करते रहना आवश्यक हो गया है. एक कहावत भी है की यदि अब नहीं तो कभी नहीं. क्योंकि जिस अनुपात में गौवंशों के साथ क्रूरता इस भारतीय समाज में बढ़ गयी है आज भारतीय नस्ल की गायों के विलुप्त होने जैसी आशंका दिख रही है. क्योंकि वह समय आने वाला दिख रहा है जब शायद इस श्रृष्टि में मानव ही मानव दिखें और दूसरे जीव प्राणी और गौवंश कहीं दूर दूर तक नज़र ही न आयें. मानव को अपनी अनियंत्रित और अनैतिक महत्वाकांक्षाओं के अतिरिक्त कुछ दीख नहीं रहा है, न पर्यावरण, न इकोसिस्टम, न भगवान् और न ही इन्सान. आज के मानव को उसका तथाकथित अधिकार और स्वहित इसके अतिरिक्त कुछ और नहीं. आज के समाज को इस बात से लेना देना नहीं है की मानव के अधिकारों और हितों की ही तरह दूसरे जन्म लिए हुए जीवों के इस श्रृष्टि में उतने ही अधिकार और हित हैं उन्हें ख़तम करके मानव भी सुरक्षित नहीं रह पायेगा.      
इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए भगवान् शिव और श्री बजरंगवली जी से प्राप्त प्रेरणा से इस महाशिवरात्रि के पुनीत अवसर पर साप्ताहिक श्रीमद गौ भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है.
इस विशेष आयोजन के संरक्षक सभी कार्यक्रमों की तरह कलयुग के देवता और पवनपुत्र श्री बजरंगवली जी हैं और यह विशेष कार्यक्रम श्रीमद भगवद कथा धर्मार्थ समिति के तत्वावधान में करवाया जा रहा है.
श्रीमद गौ भागवत कथा में कथा प्रवचन का कार्य आचार्य श्री शिवाकांत जी महाराज के मुखारविंद से किया जायेगा जो दिनांक 17 फरवरी से प्रारंभ होकर दिनांक 24 फरवरी तक चलेगा.
यज्ञों की पावन स्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में गौ माता की महिमा पर आधारित श्रीमद गौ भागवत कथा के श्रवण पान हेतु आप सभी सदर आमंत्रित हैं.  
      

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Shivanand Dwivedi
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