दिनांक – 16/02/2017
पावन यज्ञ स्थली कैथा में कलश यात्रा के साथ 17 से
आगाज़ होगा गौ भागवत कथा का
(गढ़/गंगेव/कांकर, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) यज्ञों की पावन स्थली कैथा के अति प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में दिनांक 17 फरवरी से कलश यात्रा के साथ श्रीमद गौ भागवत कथा का आयोजन होने जा रहा है जो की पूरे अगले आठ दिनों तक दिनांक 24 फरवरी महाशिवरात्रि तक निरंतर चलता रहेगा. 24 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन हवन, रुद्राष्टाध्यायी, रुद्राभिषेक एवं विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन होगा.
यूँ तो महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री हनुमान मंदिर कैथा में श्री शिव महापुराण का आयोजन होता आ रहा है परन्तु इस मर्तबा थोडा परंपरा से हटकर श्रीमद गौ भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. आयोजन में यह विशेष बदलाव भगवान् शिव के सवारी नंदी की माता और भारतीय संस्कृति की माता गौमाता की दुर्दशा को देखते हुए उसकी भारतीय समाज में महत्व और महिमा को एक बार पुनः दर्शाने के लिए किया जा रहा है. यह आयोजन श्रीमद भागवत कथा धर्मार्थ समिति (भारत) के तत्वावधान में कराया जाता है जिसके संरक्षक स्वयं कलयुग देवता एवम पवन पुत्र श्री बजरंगबली जी हैं.
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री भैयालाल द्विवेदी करेंगे. कार्यक्रम के अन्य मुख्य सहयोगी भागीदारों में से धर्मार्थ समिति के महामंत्री श्री बुद्धसेन पटेल, उपाध्यक्ष श्री सिद्धमुनि द्विवेदी, कोषाध्यक्ष श्री विशेषर केवट, कैप्टन श्री आर डी पाण्डेय, भैयालाल पाण्डेय, वृजभान केवट, गोकुल केवट, दुवगवा से महेंद्र त्रिपाठी, अमिलिया से श्री मतिगेंद पटेल, हिनौती से अच्चू द्विवेदी, लोटनी-क्योटा से यदुवंश मिश्रा, मदरी से राजेंद्र तिवारी, अम्बिका पटेल, अगडाल से कुञ्जमणि तिवारी, शंखू तिवारी आदि रहेंगे.
पावन धर्म स्थली कैथा के श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में गौ माता की महिमा बखान करने वाली गौ भागवत कथा का श्रवण पान करने के लिए आप सभी दिनांक 18 से 24 फरवरी तक सादर सप्रेम आमंत्रित किये जाते हैं.
!!! सादर धन्यवाद !!!
संलग्न – प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण कैथा की कुछ तस्वीरें. धर्मार्थ समिति कैथा का लोगो.
-------------------
Sincerely Yours,
Shivanand Dwivedi
(Social, Environmental, RTI and Human Rights Activists)
Village - Kaitha, Post - Amiliya, Police Station - Garh,
Tehsil - Mangawan, District - Rewa (MP)
TWITTER HANDLE: @ishwarputra - SHIVANAND DWIVEDI






No comments:
Post a Comment