दिनांक – 18/02/2017, स्थान – (रीवा, मप्र)
(गढ़/गंगेव/कांकर, रीवा मप्र – शिवानन्द द्विवेदी) कैथा में गो भागवत कथा की जहाँ बैठकी के साथ प्रवचन प्रारंभ हुआ वहीँ सम्पूर्ण क्षेत्र एक बार फिर धर्ममय हो गया. पावन यज्ञ स्थली कैथा के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में गाय की महिमा और महत्व का बखान करने वाली गो भागवत कथा का कार्यक्रम दिनांक 24 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलता रहेगा और हवन, पूजन, रुद्राभिषेक, और विशाल भंडारे के साथ सम्पूर्ण कार्यक्रम का समापन होगा.
यह अटल सत्य है की पूज्या गोमाता के साथ सनातन भारतवाशियों का आस्तिक, धार्मिक, तथा ऐतिहासिक दृष्टि से आत्मीय सम्बन्ध है. हमारे पवित्र संस्कार, सम्पूर्ण स्वास्थ सात्विक समझ, सामूहिक उत्थान एवं अक्षय समृद्धि तथा सर्वांगीण विकास का मूल आधार और प्रधान स्रोत ही पूज्या गोमाता है.
“यतो गावस्ततो वयम” अर्थात जहाँ गाय हैं वहीँ हम हैं अथवा दूसरे सब्दों में कहा जाय तो जहाँ गाय है तो ही हम हैं. गोमाता का शांत स्वरुप अहिंसा, दया, परोपकार, आदि मानवीय गुणों का परिचायक है. इन्हें देखकर स्वयं ही यह ईश्वरीय गुण मानव के अन्दर समाहित होने लगते हैं. बिना गोमाता की कृपा के गरिमामय मानवता की कल्पना ही पृथ्वी पर नहीं हो सकती है. भारतीय सस्कृति में अहिंसा का सिद्धांत गोमाता की सेवा भाव से प्राप्त हुआ है. सनातन काल से ही गोमाता की सेवा करते हुए उनके दुग्धपान से स्वयं वही दया, करुणा, प्रेम, क्षमा, आदि अधिदैविक और अध्यात्मिक गुणों का समावेश भारतीय अंतर्मन में हुआ जिससे भारत विश्व गुरु कहलाया.
भारतवर्ष एक अध्यात्म प्रधान देश है. पाश्चात्य देशों के कार्य-कलाप और वहां की नीतियां स्वार्थ से प्रेरित होती हैं जबकि भारतीय संस्कृति में परमार्थ की प्रधानता होती है. अपने
छोटे स्वार्थों की सिद्धि के लिए किसी भी प्राणी को कष्ट देना अथवा उसकी हत्या करना अधर्म माना गया है. हमारी संस्कृति ने इसे कभी स्वीकार नहीं किया. जहाँ तक गाय का प्रश्न है हमारे ऋषि-महर्षियों ने गाय को संसार का सर्वश्रेष्ठ प्राणी माना और इसे विश्व की माता कहकर संबोधित किया. भारतीय संस्कृति के अनुसार धेनु, धरती, प्रकृति, पर्यावरण, एवं संस्कृति ही वेदलक्षणा गो का विराट स्वरुप है. धेनु का संरक्षण, धरती का संपोषण, प्रकृति का संवर्धन, पर्यावरण का परिशोधन, तथा संस्कृति की आराधना प्रत्येक सनातन हिन्दू के मानव जीवन का सर्वोच्च कर्त्तव्य है.
!!! सादर धन्यवाद !!!
संलग्न – प्राचीन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण कैथा की कुछ तस्वीरें. धर्मार्थ समिति कैथा का लोगो.
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Sincerely Yours,
Shivanand Dwivedi
(Social, Environmental, RTI and Human Rights Activists)
Village - Kaitha, Post - Amiliya, Police Station - Garh,
Tehsil - Mangawan, District - Rewa (MP)
TWITTER HANDLE: @ishwarputra - SHIVANAND DWIVEDI








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